शिष्य / विद्यार्थी

यह पुरस्कार उस छात्र को दिया जाएगा जिसने वेदों के अध्ययन में श्रेष्ठ प्रदर्शन किया है।

पुरस्कार के अन्तर्गत एक प्रमाण-पत्र, पदक और ₹ 3,00,000 की नकद राशि प्रदान की जाएगी।

इस पुरस्कार के योग्य होने के लिए आपको निम्नलिखित सभी पात्रताएं पूरी करना आवश्यक हैः

  • वर्तमान में आप किसी वैदिक परंपरा, योग्य वेद पाठशाला या व्यक्तिगत गुरु के पूर्णकालिक छात्र हैं।
  • वेदों के अध्ययन में मूलांत से ले कर वर्तमान में आपकी वैदिक योग्यता के स्तर का स्पष्ट और प्रमाण योग्य अभिलेख (रिकॉर्ड) उपलब्ध है।
  • आपने “स्तर-1” की न्यूनतम योग्यताएं प्राप्त कर ली हों (कृपया “आवेदन कैसे करें” की तालिका देखें)।
  • यदि आपकी योग्यता ‘स्तर-2’ की है तो 1 अगस्त 2018 को आपकी आयु 20 वर्ष से कम होनी चाहिए। “स्तर-2” से आगे की योग्यता होने की स्थिति में न्यूनतम आयु सीमा 25 वर्ष तक बढ़ाई जा सकती है।
  • आपने पूर्व में भारतात्मा उत्कृष्ट विद्यार्थी पुरस्कार नहीं जीता है।

आवेदन प्राप्त करने की अंतिम तिथि 10 जुलाई 2018 है। आवेदन 10 जुलाई से पहले सिंघल फाउन्डेशन के कार्यालय में पहुंच जाने चाहिए। इस तिथि के पश्चात प्राप्त आवेदनों पर 2018 के पुरस्कारों के लिये विचार नहीं किया जाएगा।

प्रत्येक श्रेणी के लिये आवेदन फॉर्म आप हमारी वेबसाइट www.bharatatmapuraskar.org से डाउनलोड कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म आप +91 98292 42746 पर अपने पूरे पते के साथ SMS भेज कर भी डाक द्वारा प्राप्त कर सकते हैं।

यह सुनिश्चित करें कि योग्यता मापदंडों को पूरा करने के लिए आपने अपने दस्तावेज/प्रमाणपत्र/ अंकतालिकाएं साक्ष्य के तौर पर संलग्न कर दिए हैं।

आप आवेदन हस्तलिखित या माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का प्रयोग कर भर सकते हैं. यदि आप आवेदन ईमेल के द्वारा भेज रहे हैं तो सिर्फ .pdf में ही भेजें ना कि .doc या .docx

पूर्णतः भरा हुआ आवेदन फॉर्म डाक या कूरियर सेः सिंघल फाउंडेशन, द्वारा सिक्योर मीटर्स लिमिटेड, प्रतापनगर इंडस्ट्रियल एरिया, उदयपुर 313003 को भेजें।

या

आप सभी दस्तावेजों को स्कैन करके पी.डी.एफ़ (pdf) फॉरमेट में ईमेल करेंः applications@bharatatmapuraskar.org

चयन प्रक्रिया

सिंघल फाउन्डेशन प्रत्येक श्रेणी के विजेता चुनने के लिए एक उच्च गुणवत्ता वाली और निष्पक्ष प्रक्रिया अपनाती है। विजेताओं का निर्णय दो चरणों की प्रक्रिया द्वारा किया जायेगा। पहले चरण में वैदिक विशेषज्ञों की एक कमिटी, प्राप्त आवेदनों (शिक्षकों और विद्यार्थियों के नाम अज्ञात होंगे) की समीक्षा कर संभावित विजेताओं की छंटनी करके एक सूची बनाएगी। यह छंटनी आवेदकों द्वारा आवेदन पत्र में दी गई जानकारी के आधार पर की जाएगी।अतः आवेदन पत्र का पूरा और सही भरा जाना अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसके पश्चात् इस सूची पर निर्णायक समिति (जूरी) जिसमें सभी वेदों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ होंगे, द्वारा विचार किया जायेगा। विजेताओं पर अपना अंतिम निर्णय लेने से पूर्व जूरी चयनित विद्यालयों का दौरा करेगी और चयनित शिक्षकों और विद्यार्थियों से मुलाकात करेगी।

पात्र विद्यार्थियों की श्रेष्ठता का मूल्यांकन निम्न आधार पर किया जाएगाः

  • अध्ययन में श्रेष्ठता जो वैदिक शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर शैक्षिक उपलब्धियों द्वारा प्रमाणित हुई है।
  • वैदिक शिक्षा में निरन्तरता।
  • पढ़े गए वेद के पारंपरिक पाठ में प्रवाह।
  • शिक्षा के अन्य क्षेत्रों में रूचि की स्तर।
  • वैदिक परम्पराओं के अनुसार जीवन आचरण।
  • स्वशाखा या अन्य वेद ग्रंथों के अतिरिक्त वेदों का अध्ययन।

जब आप पुरस्कार के लिये आवेदन करें तो यह सुनिश्चित करें कि आपने योग्यता मानदण्डों को पूरा करने के लिए आवश्यक सभी दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत कर दिए हैं।