भारतात्मा पुरस्कार

भारतात्मा पुरस्कार का उद्देश्य वेदों और वैदिक शिक्षा को प्रोत्साहित करना है| ऐसी कई संस्थाएं हैं जो वेदों, वैदिक शिक्षा और वेद विद्यार्थियों को पहचान दिलवाने के लिये प्रयास कर रहीं हैं लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इस ओर अधिक कार्य नहीं हुआ है| स्व. श्री अशोक जी सिंघल ने वेदों के प्रसार और प्रचार के लिये अपना जीवन समर्पित कर दिया था| उनके इन्हीं प्रयासों को जीवित रखने का एक प्रयास हैं भारतात्मा पुरस्कार|

ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाएंगेः

  • आदर्श वेद अध्यापक
  • श्रेष्ठ वेद विद्यार्थी
  • सर्वश्रेष्ठ वैदिक विद्यालय

हम आशा करते हैं कि ये पुरस्कार अधिक से अधिक विद्यालयों, अध्यापकों और विद्यार्थियों को वेद शिक्षा अपनाने और समाज के भले के लिए उसे विस्तार देने के लिये प्रोत्साहित करेंगे|

2018 पुरस्कार के लिए आवेदन



गुरु / अध्यापक

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शिष्य / विद्यार्थी

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पाठशाला