भारतात्मा पुरस्कार – २०२६
आवेदन प्रक्रिया: १ मार्च से ३० जून २०२६ तक
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भारतात्मा पुरस्कार – २०२६ बुधवार, २५ नवम्बर २०२६ को प्रदान किए जाएंगे।
पर्यावरण संरक्षण के लिए इस वर्ष ‘भारतात्मा पुरस्कार’ की विवरणिका मुद्रित नहीं की जाएगी। अतः किसी को भी पत्राचार के माध्यम से मुद्रित विवरणिका नहीं भेजी जाएगी। पुरस्कार-विवरणिका की सॉफ्टकॉपी वेबसाइट पर उपलब्ध है। इसके साथ ही भारतात्मा पुरस्कार के लिए केवल ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया ही मान्य होगी।
भारतात्मा पुरस्कार
भारतात्मा पुरस्कार का उद्देश्य वेदों और वैदिक शिक्षा को प्रोत्साहित करना है। ऐसी कई संस्थाएँ हैं जो वेदों, वैदिक शिक्षा और वेद विद्यार्थियों को पहचान दिलवाने के लिए प्रयास कर रही हैं, लेकिन राष्ट्रीय स्तर पर इस ओर अधिक कार्य नहीं हुआ है। स्वर्गीय श्री अशोक जी सिंघल ने वेदों के प्रचार-प्रसार के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। उनके इन्हीं प्रयासों को जीवित रखने का एक प्रयास है ‘भारतात्मा पुरस्कार’।
ये पुरस्कार तीन श्रेणियों में प्रदान किए जाते हैं:
- आदर्श वेदाध्यापक
- उत्कृष्ट वेदविद्यार्थी
- उत्तम वेदविद्यालय
हम आशा करते हैं कि भारतात्मा पुरस्कार वेदविद्यालयों, वेदाध्यापकों और वेदविद्यार्थियों को लोककल्याणार्थ अधिकाधिक भारतीय वैदिक ज्ञान परम्परा के अध्ययन-अध्यापन और संरक्षण-संवर्द्धन हेतु प्रोत्साहित करेंगे।



वेदार्पित जीवन सम्मान