
श्री नोरि केदारेश्वर शर्मा
जन्म-तिथि: 29 अगस्त 2001
निवास-स्थान: तेनाली, आन्ध्रप्रदेश
पिता का नाम: स्व॰ श्री मल्लेश्वर शर्मा
माता का नाम: श्रीमती वाणी शर्मा
वेद एवं वेदशाखा: कृष्ण यजुर्वेद (तैत्तिरीय शाखा)
गुरुजन: ब्रह्मश्री वेङ्कटराम घनपाठीजी, श्रीराम घनपाठीजी, ब्रह्मश्री हरिहरन घनपाठीजी तथा श्री बिल्वेश शास्त्रीजी
श्री नोरि केदारेश्वर का जन्म नोरि ब्राह्मण कुल में हुआ। सात वर्ष की अत्यन्त अल्पायु में ही आपके पिताजी का शिवलोकवास हो गया।
नोरि केदारेश्वर का वेदाध्ययन भाग्यनगर स्थित श्री शङ्कर गुरुकुल वेदविद्यालय (लब्ध भारतात्मा अशोकजी सिंघल उत्तम वेदविद्यालय पुरस्कार) में हुआ। वहाँ पर ब्रह्मश्री वेङ्कटराम घनपाठीजी और ब्रह्मश्री हरिहरन घनपाठीजी के सान्निध्य में कृष्ण यजुर्वेद तैत्तिरीय शाखा का घनान्ताध्ययन पूर्ण किया। नोरि केदारेश्वर ने घनान्ताध्ययन के उपरान्त रघुवंश जैसे संस्कृत साहित्यिक ग्रन्थों का अध्ययन और प्रातिशाख्य व वर्णक्रम जैसे अन्य विशिष्ट ग्रन्थों का अध्ययन भी किया। नोरि केदारेश्वर ने अपने अध्ययन क्रम को निरन्तरता प्रदान करते हुए गुरुश्री श्रीराम घनपाठीजी के सान्निध्य में ही वेद के षडङ्गो का भी अध्ययन तथा षडङ्गों के अध्ययनोपरान्त श्री बिल्वेश शास्त्रीजी के सान्निध्य में सम्पूर्ण व्याकरण का अध्ययन सम्पन्न किया। आपने अपने अध्ययन की परीक्षा देते हुए श्री काञ्ची वेद-वेदान्त शास्त्र सभा द्वारा आयोजित तेनाली परीक्षा को प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण कर अपने स्वाध्याय का परिचय दिया। आपके दो अनुज भाई भी घनान्ताध्ययन कर वैदिक शास्त्रों का अध्ययन कर रहे हैं। वर्तमान में नोरि केदारेश्वर श्रीराम घनपाठीजी के सान्निध्य ही में वेदभाष्य का अध्ययन कर रहे हैं। नोरि केदारेश्वर वेदविद्या की नित्य साधना का संकल्प रखते हैं तथा सम्पूर्ण जीवन वेदविद्या के अध्ययनाध्यापन व अनुसन्धानादि कार्यों में जीवन समर्पित करना चाहते हैं। वेदनारायण आपकी पवित्र वेदसेवा के सङ्कल्प को पूर्ण करें।
आपको अपने उत्कृष्ट अध्ययन के लिए वर्ष – २०२५ का “भारतात्मा अशोकजी सिंघल उत्कृष्ट वेदविद्यार्थी पुरस्कार” प्रदान किया गया है।


